मलेरिया के लक्षण 2019 – symptom of malaria hindi

मलेरिया के लक्षण 2019 – नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे Blog में, दोस्तो हमारे देश में ज्यादातर बीमारी से होने वाली मृत्यु मलेरिया बीमारी के कारण होती है जो कि बहुत ही बुरी बात है अभी भी हमारे देश की जनता को मलेरिया बीमारी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है इसलिए आज मैं इस पोस्ट को लिखने मैं मजबूर हूं। दोस्तों आज की इस पोस्ट में हम बात करने वाले हैं malaria Bimari के बारे में और आज हम आपको मलेरिया बीमारी के लक्षण,कारण एवं उपचार या उससे बचाव के बारे में बताने वाले हैं। यदि आपको मलेरिया बीमारी से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी हिंदी भाषा में चाहिए तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ना तो ज्यादा समय ना ख़राब करते हुए चलिए शुरू करते हैं आज की इस पोस्ट को और जान लेते हैं मलेरिया के लक्षण

malaria ke lakshan

दोस्तों मलेरिया एक विशेष तरह के मच्छर के काटने से होती है यह मच्छर बारिशों के दिन में उत्पन्न होते हैं। यह एक तरह का संक्रमित रोग है जिसका कारण प्रोटोजोआ नामक बैक्टीरिया होता है। मलेरिया के बैक्टीरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होती है। इस मच्छर के काटने से मलेरिया के बैक्टीरिया मनुष्य के लाल रक्त कोशिकाओं में प्रवेश कर जाते हैं और उसे दूषित कर देते हैं। जिसके बाद व्यक्ति में एनीमिया के लक्षण दिखने लगते हैं. जिस में चक्कर आना,सांस फूलना इसके अतिरिक्त बुखार,जुकाम,सर्दी,उल्टी होना जैसे लक्षण malaria के संकेत हो सकते हैं। समय पर malaria का इलाज ना करने से व्यक्ति की मृत्यु हुई हो सकती है।

इसलिए यदि व्यक्ति में malaria के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत निकटतम डॉक्टर से सलाह ले। इसका सबसे पहला संकेत तेज बुखार होता है जो चढ़ता और उतरता रहता है इसकी अवधि लगभग 10 से 12 दिन की होती है यह किसी भी आयु के व्यक्ति को हो सकती है। सही समय पर सही इलाज ना करने से व्यक्ति अपनी जान से भी हाथ धो बैठे सकता है।

मलेरिया के लक्षण 2019

रोगी को तेज बुखार के साथ ठंड लगना मलेरिया का पहला लक्षण है।

मलेरिया का दूसरा लक्षण है कि रोगी को तेज बुखार के साथ अत्यधिक पसीना एवं उल्टियां होने लगती हैं।

सर दर्द एवं बदन में दर्द मलेरिया का एक प्रमुख लक्षण है।

रक्त में ग्लूकोज की कमी हो जाना।

दस्त लगना और पूरे शरीर में तेज दर्द होना।

मलेरिया से बचाव

मित्रो चलिये जान लेते हैं कि हम अपने आप को मलेरिया रोग से किस तरह से बचा सकते हैं और मलेरिया से बचाव कैसे करें। मलेरिया एक खतरनाक बीमारी है जो मच्छर के काटने से फैलती है यह मच्छर एक व्यक्ति के संक्रमित कीटाणु को दूसरे व्यक्ति को काटकर उसके रक्त में प्रवाहित कर देता है जिससे स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में तेजी से बीमारी फैलने लगती है और व्यक्ति मलेरिया से ग्रसित हो जाता है इसलिए आवश्यक है कि इस बीमारी से बचाव किया जाए।

बारिश के समय गड्ढों में इकट्ठा हुए पानी में यह मच्छर पनपता है इसलिए अपने घर के आस-पास या कहीं भी पानी को एकत्रित ना होने दें।

हफ्ते में एक बार कूलर अवश्य साफ़ करें यदि संभव ना हो तो उसमें पैट्रोल की कुछ मात्रा डाल दें।

आसपास पड़े छोटे-मोटे बर्तन,टायर के अंदर बारिश का पानी जमा ना होने दें क्योंकि इसी तरह के गंदगी में मच्छर पनपते हैं।

रात को सोने से पहले अपने शरीर पर ऑडोमोज आदि तरह की क्रीम लगाएं और यदि संभव हो तो मच्छरदानी भी लगाकर सोयें।

बारिश के मौसम में फुल बाही की कपड़े पहने व अपने शरीर को ढक कर रखें।

इस मौसम में जितना हो सके उतना बहार के खाना खाने से बचें।

बरसात के मौसम में पानी को उबालकर पिए जिससे जल की सभी अशुद्धियां समाप्त हो जाएं।

मच्छर को मारने या मच्छर को भगाने वाली दवाओं का प्रयोग अवश्य रूप से करें उससे मच्छर पनपने की संभावना कम होती है और हम मच्छरों के प्रकोप से बचे रहते हैं इन्हें कुछ छोटी-छोटी सावधानियों के द्वारा आप भी मलेरिया और अपने परिवार का बचाव कर सकते हैं।

मलेरिया से बचाव के घरेलू उपचार

मलेरिया का बुखार चढ़ता उतरता रहता है जिसको समझ पाना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन आजकल विज्ञान द्वारा विकसित की गई तकनीकों द्वारा भी इस बीमारी का आसानी से पता लगाया जा सकता है। बीमारी की सुनिश्चितता होने के बाद रोगी के देखभाल की आवश्यकता होती है जो कि कई लोगों के लिए संभव नहीं हो पाता है।

आज मैं आपको कुछ ऐसे घरेलू उपचार बताने जा रहा हूं जिसकी मदद से आप मलेरिया से बचाव कर सकते हैं। इनके लिए आपको महंगी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं है और ना ही डॉक्टर की महंगी फ़ीस भरने की, तो चलिए जान लेते हैं मलेरिया से बचाव के घरेलू उपाय

तुलसी में पाए जाने वाले गुण मलेरिया को जल्द से जल्द कम करने में मदद करते हैं इसके लिए तुलसी के 10 से 15 पत्ते और 8 से 10 काली मिर्च का मिश्रण बनाकर इसका सेवन करें इसके अतिरिक्त इन दोनों पदार्थों को मिलाकर इनकी चाय का भी सेवन कर सकते हैं।

मलेरिया के इलाज में मुलेठी का भी प्रयोग किया जाता है इसके लिए 10 ग्राम मुलेठी और 10 ग्राम काली मिर्च को भुन कर एक साथ पीस लें और इसमें 10 ग्राम गुड़ मिलाकर इसका सेवन करें। याद रहे सेवन की मात्रा 6 ग्राम ही होनी चाहिए। मलेरिया में ताजे पानी के साथ इसका सेवन करना चाहिए इससे बहुत ही जल्द आराम मिलता है और आपका बुखार जल्द ही कम होने लगेगा।

लहसुन हां मित्रों हमारे किचन में प्रयोग होने वाले लहसुन का प्रयोग मलेरिया में किया जाता है इसके लिए कच्चे लहसुन के टुकड़े खाये। इसके अतिरिक्त लहसुन की दो कलियों को जैतून के तेल के साथ गर्म कर ले और फिर इससे अपने पैरो की मालिश करे। इसके बाद इस बात का ध्यान रखे की अपने पैरों को किसी कपडे से लपेटकर रखे। इससे मलेरिया में जल्दी आराम मिलता है। कैसे भी बुखार हो जितना हो सके पानी का सेवन करना चाहिए इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती जो अक्सर बुखार से पीड़ित मरीजों में पायी जाती है क्योकि पानी में रोगो से लड़ने वाले बैक्टीरया पाए जाते है जो हमारे शरीर को अंदर से लड़ने में मदद करते है।

अदरक वाली चाय का सेवन करने से बुखार के दौरान होने वाले गले के दर्द में आराम रहता है। इसके अतिरिक्त बुखार में भी अदरक की चाय फायदे मंद सिद्ध होती है इसके लिए दिन में कम से कम तीन बार अदरक की चाय का सेवन करना चाहिए।

In Conclusion

दोस्तों उम्मीद है आपको हमारे द्वारा दी गयी मलेरिया की पूरी जानकारी समझ में आ गयी होगी और आपको यह पोस्ट “मलेरिया के लक्षण 2019” भी अच्छी लगी होगी। इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ Facebook,whatsapp पर जरूर share करना।

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